
सौंदर्य, ऐश्वर्या, सौभाग्य, वैभव, शक्ति, समृद्धि, स्त्रीत्व और संतान की देवी, जगदम्बा, और करुणा की देवी महालक्ष्मी जी को कहते हैं।

सोमवार का दिन भगवान शंकर को अत्यंत प्रिय है इसलिए भगवान शंकर की कृपा प्राप्ति के लिए सोमवार का व्रत (Somvar Vrat) किया जाता है।

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) की विशेष महत्ता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा 30 किलोमीटर दूर माता ज्वाला देवी का मंदिर है। यहां देवी की पूजा एक शाश्वत ज्वाला के रूप में की जाती है।

सनातन धर्म में शक्तिपीठों का बड़ा महत्व है। इन शक्तिपीठों में माता श्री नैना देवी जी का मंदिर (Naina Devi Temple) बहुत प्रसिद्ध है।

शनि शांति पूजा (Shani Shanti Puja) करने से जीवन के कष्टों का अंत और जीवन में उर्जा का संचार होता है। इससे शनि देव जीवन में आ रही सभी बाधाएं और भयंकर बीमारियों से मुक्ति दिलाते हैं।

अगर आपको संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है या कुण्डली दोष के कारण सन्तान प्राप्ति में देरी हो रही है, तो आपको बाल गोपाल संतान प्राप्ति पूजा में अवश्य भाग लेना चाहिए।

संकष्टी चतुर्थी व्रत (Sankashti Chaturthi Vrat) को संकट हरने वाला व्रत माना गया है। भक्तों के बीच इस व्रत का विशेष महत्व है।

राम जी की शरण में आने वाले और उनके मंत्रों (Ram mantra) का जाप करने वाले मनुष्य को शांति, सहनशीलता और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

माता बगलामुखी की मंत्रों (Baglamukhi mantra) की साधना सत्ता पाने, कोर्ट में केस जीतने, राजयोग पाने और शत्रुओं के नाश के लिए की जाती है।

विष्णु जी को हिंदू धर्म में भगवान के दशावतारों में से एक माना जाता है। उनके मंत्रों के नियमित जाप से मनुष्य के कष्टों का निवारण होता है।

आइए, मां सरस्वती मंत्रों (Maa saraswati Mantra) का पाठ करके मां शारदे का आशीर्वाद प्राप्त करें।