
चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की आराधना करना बेहद मंगलमय माना जाता है। इस दिन भगवान गणेशजी की पूजा और व्रत करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

क्या आप शनि साढ़े साती या ढैय्या से परेशान हैं? तो शिंगणापुर में वामा द्वारा आयोजित महादशा शांति महायज्ञ में भाग लें।

श्री दुर्गा चालीसा (Durga Chalisa) का रोजाना पाठ करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक, भौतिक और भावनात्मक खुशी मिलती है।

श्रीमद् भागवत गीता का उपदेश देते हुए भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है, कि मुझे तिथियां में सबसे प्रिय एकादशी तिथि है।

अगर आपकी कुण्डली में भी काल सर्प दोष (kaal sarp dosh) है, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। महादेव सभी कष्टों को हरने वाले हैं।

कन्या दान से सृष्टी के विकास क्रम में सहयोग मिलता है, जो कन्या दान देता है उसे अन्य कुल की वृद्धि के सहयोग करने का पुण्य प्राप्त होता है। आइए, यहां जानें कन्या दान का महत्व...

7 जुलाई 2024 को शुक्र होंगे उदय, अब शुरू होंगे मांगलिक कार्य, यहाँ जानें, विवाह के लिए शुभ मुहूर्त और शुक्र को प्रसन्न करने के उपाय...

तो आइए, VAMA के ज्योतिषाचार्य डॉ आचार्य देव से जानते हैं 16 जुलाई को होने वाले सूर्य गोचर से किन राशियों को शुभ फल मिलेगा?

उत्तम विवाह योग सिद्धर्थम पूजा कराने से शादी की अनुकूल परिस्थितियां बनती है और शादी लंबे समय तक टिकी रहती है।

पौष मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada Ekadashi) कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

कानूनी लड़ाई, परीक्षा आदि के लिए मां बगुलामुखी की पूजा करने से सफलता मिलती है। बगुलामुखी मां वाक सिद्धि में विजय दिलाने वाली हैं।

सौंदर्य, ऐश्वर्या, सौभाग्य, वैभव, शक्ति, समृद्धि, स्त्रीत्व और संतान की देवी, जगदम्बा, और करुणा की देवी महालक्ष्मी जी को कहते हैं।